Why is Christmas Day celebrated

Christmas Festival

 

क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है?(Why is Christmas Day celebrated?)

 

 Christmas Day : नमस्कार पाठकों, आज के इस लेख में हम ऐसे त्यौहार के बारे में बात करेंगे।

 

जिसे केवल भारतवासी ही नहीं अभी तो पूरा संसार मनाता है और जिस त्यौहार का इंतजार बच्चे और साथ ही साथ बड़े भी बेसब्री से करते जी हां आज के इस लेख में हम Christmas पर पूरी जानकारी देंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

 

जग-विख्‍यात क्रिसमस का त्यौहार(Christmas Festival)

क्रिसमस का त्यौहार हरेक बच्चों का मनपसंद त्यौहार है Christmas एक ऐसा पर्व है जो हर साल दिसंबर के माह में मनाया जाता है वैसे तो यह त्यौहार पूरे विश्व भर में मनाया जाता है पर मुख्य रूप से क्रिसमस का त्यौहार ईसाई धर्म के लोगों के द्वारा पूरे विधि विधान से मनाया जाता है जिसमें वे अपने घरों को अच्छे से सजाते है और एक दूसरे को केक बांट कर त्यौहार मनाते हैं और ईशा मसीह की आराधना करते हैं

 

 

क्रिसमस का त्यौहार कैसे मनाया जाता है?(How is Christmas festival celebrated?)

 

इस  त्यौहार को मनाने की अनेकों परंपरा विख्यात है। इस दिन लोग रिश्तेदारों को अपने दोस्तों को और अपने पड़ोसियों को सुंदर सुंदर ग्रीटिंग और केक देते हैं और एक दूसरे से मिलने जाते हैं और रात के समय दावत का लुत्फ उठाते हैं। इसके अलावा बढ़िया बढ़िया स्वादिष्ट पकवान भी खाते हैं।

 

क्रिसमस के दिन बच्चो का उत्साह

 

क्रिसमस के दिन बच्चों में तो अलग ही प्रकार का उत्साह नजर आता है उनके मन में यह आशा होती है ही संता क्लॉज रात के समय उनके पास आएंगे और उन्हें नए नए उपहार भेंट स्वरूप देंगे। बच्चे बड़ी ही व्याकुलता से संता की राह देखते हैं और अपने माता-पिता से पूछते है कि संता कब आएगा और माता-पिता उन्हें एक ही बात बोलते हैं कि बेटा सो जाओ संता रात के समय आएगा और तुम को उपहार देगा परंतु बच्चे उपहार मिलने की व्याकुलता में सो ही नहीं पाते परंतु इंतजार करते करते रात तक वे बच्चे नहीं देख पाते और मध्य रात्रि तक सांता क्लॉस बच्चों के पास आते हैं और उन्हें मध्य रात्रि में ढेर सारी उपहार देते हैं।

 

इस दिन बच्चे अपने दोस्तों के साथ मिलकर 24 दिसंबर को संता क्लॉज की ड्रेस व टोपी पहन कर स्कूल जाते हैं और ढेर सारी मस्ती करते हैं। गाना गाते हैं नृत्य करते हैं और बड़े ही धूम धाम से इस पर्व को मनाते है।

 

क्रिसमस पर बड़ों का उत्साह

 

विश्‍व प्रसिद्घ क्रिसमस के शुभ अवसर पर केवल बच्चे ही नहीं अपितु बड़े भी काफी ज्यादा उत्साहित होते है एक माह पूर्व से ही दिसंबर की शुरुआत से ही क्रिसमस की तैयारियां घरों में शुरू हो जाती है जिस में भी अपने घरों की साफ-सफाई और उसकी सजा करते हैं और अपने घर पर Christmas Tree सजाते हैं और अपने पड़ोसी व परिवार जनों को मिठाई चॉकलेट ग्रीटिंग कार्ड केक देते हैं। इसके अलावा लोग अपने सगे संबंधियों के साथ मिलकर पूरी तैयारियां करते हैं और गाने गाकर, नाचकर, पार्टी मनाकर इस त्यौहार को मनाते है।

 

क्रिसमस कब मनाया जाता है?

 

इसा मसीह को यद् करने के लिए यह त्यौहार मनाया जाता है। यह हर साल 25 दिसंबर को आता है लेकिन कई लोग इसे कई बार पहले व् बाद म भी मानते है।

 

क्रिसमस का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

 

Christmas के दिन ईसाई लोग अपने धर्म के संस्थापक ईसा मसीह के जन्म दिवस के अवसर पर उत्सव मनाते हैं। इसी दिन ईसाई लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं और उनके सामने अपनी सभी गलतियों के लिए माफी भी मांगते हैं और अपने इष्ट देवता ईशा मसीह का गुणगान करते हुए पवित्र गीत व भजन गाते हैं बाद मे वे अपने बच्चो के लिए तथा अपने रिश्तेदारों को क्रिसमस के कार्ड अथवा अन्य उपहार देते हैं।

 

ईशा मसीह को याद करने की परंपरा

 

यह बात भी वास्तव में सत्य है कि ईसा मसीह की जन्म तिथि की सटीक तारीख किसी को भी नहीं पता है फिर भी 137 ईसवी में रोम के बिशप ने क्राइस्ट बच्चे के जन्मदिन को एक गंभीर दावत के रूप में मनाया जाने का आदेश दिया था। 350 ईसवी में जूलियस प्रथम नाम का एक ओर रोमन बिशप 25 दिसंबर को क्रिसमस यानी कि (मसीह का मास) के पालन दिवस के रूप में 25 दिसंबर का चयन किया गया था। 

 

क्रिसमस से संबंधित रोचक जानकारी

 

Christmas से संबंधित काफी सरी रोचक जानकारी विश्व विख्यात है आइए उसके बारे में भी आपको विस्तार से बताते हैं।

 

  • क्रिसमसएक ऐसा पर्व है जिसमें व्यापारियों को सबसे ज्यादा मुनाफा होता है।

  

  • क्रिसमसके पर्व पर केक की महत्वता विश्व विख्यात है लोग एक दूसरे को केक देकर इस त्योहार को मनाते हैं।

 

  • एकपुस्तक के अनुसार क्रिसमस के पेड़ की शुरुआत सन 1570 में हुई थी।

 

Conclusion

 

तो आज के इस लेख में हमने जाना कि पूरी दुनिया में क्रिसमस केवल बच्चों के द्वारा ही नहीं अपितु युवा और बूढ़े लोगों द्वारा भी मनाया जाता है। 

ये पर्व एक दूसरे को यही संदेश देता है कि लोगों को मिल जुलकर एक साथ रहना चाहिए  पूरी दुनिया भर में क्रिसमस के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ शेष है और अन्य देशों में दो बच्चे बूढ़े यहां तक की हर वर्ग के लोग इस पर्व का जश्न मनाते हैं। भगवान ईशा मसीह का भी यही कहना था कि दीन दुखियों की सेवा करने से बड़ा धर्म कोई दूसरा नहीं है। हमें दीन दुखियों की सेवा अवश्य करनी चाहिए।

 

हम उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा लिखा गया ये लेख पसंद आया होगा। यदि पसंद आया हो तो हमारे इस लेख को अपने मित्रो व रिश्तेदारों के साथ अवश्य साझा करें ताकि उन्हें भी इस इस पर्व की महत्वता के बारे में पता चले।

 

धन्यवाद!

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